Monday, May 16, 2022
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हार्ड कॉपी hard copy को हिंदी में क्या कहते हैं?

आपको बता दे कि हार्ड कॉपी hard copy एक प्रकार का प्रिंटेड डॉक्यूमेंट होता है जो कि एक टेक्स्ट फाइल, फोटोग्राफ्स या ड्राइंग के रूप में प्रिंटेबल फाइल हो सकता है। उदाहरण के लिए आप एक बिजनेसमैन को ईमेल करने की जगह आप उसे एक हार्ड कॉपी के रूप में उसे फिजिकली पेपर जिसमें आप ईमेल के लिखे हुए शब्द को दे सकते हैं.

 जब एक document को create किया जाता है. एक कंप्यूटर पर तब इसे typically सेव किया जाता है एक फाइल के रूप में कंप्यूटर के हार्ड ड्राइव में इसे एक सॉफ्ट कॉपी soft copy कहा जाता है.

  वही एक सॉफ्ट कॉपी को आसानी से ओपन और एडिट किया जा सकता है एक कंप्यूटर में वही इसे आसानी श्रीदेवी भी किया जा सकता है वहीं एक हार्ड कॉपी को प्रिंट किया जा सकता है ताकि उस डॉक्यूमेंट की एक फिजिकल बैकअप बनाया जा सके.

हार्ड कॉपी क्या होती है

हम हार्ड कॉपी संपादित नहीं कर सकते।

एक ही हार्ड कॉपी को एक ही समय में कई लोगों के साथ साझा नहीं किया जा सकता है। इसके लिए हमारे पास कई हार्ड कॉपी उपलब्ध होनी चाहिए।

हार्ड कॉपी को लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रखा जा सकता है, क्योंकि कागज को लंबे समय तक सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होता है।

हम हार्ड कॉपी अपने हाथ में लेकर इसकी जांच कर सकते हैं।

हार्ड कॉपी को स्पर्श कर सकते।

हार्ड कॉपी के ख़राब होने के बहुत ज्यादा चांसेस होते है।

हार्ड कॉपी वह कॉपी होती है जिसे हम कंप्यूटर में सेव फाइल को प्रिंट निकाल सकते हैं उसे पकड़ सकते हैं जैसे फोटो अन्य डॉक्यूमेंट आदि यदि आसान भाषा में आपको बताया जाए तो इस फाइल को प्रिंटर द्वारा प्रिंट किया जा सकता है इसे हम पकड़ सकते हैं वह सभी फाइलें हार्ड कॉपी कहलाती हैं.

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सॉफ्ट कॉपी

अपने कंप्यूटर में कोई फाइल तैयार की मार ली थी आपने वह फाइल एमएस वर्ड में प्यार की जैसे कोई लेटर टाइप किया अब आप किसी लड़की को वह अहमद पटवारी फाइल को कॉपी देनी है, तो आप अपने मेल के जरिए या पेन ड्राइव में उस फाइल को कॉपी करके दे सकते हैं इस प्रकार अपने बिना प्रिंट किए इस फाइल को कॉपी को किसी व्यक्ति को दे दी इस फाइल को हम सॉफ्ट कॉपी कहेंगे. ईमेल के द्वारा फोटो या डॉक्यूमेंट भेजने की सॉफ्ट कॉपी कहलाता है.

हार्डकॉपी और सॉफ्टकॉपी के बीच अंतर

जब अंतर की बात होती है तो उनके फायदे भी देखे जाते हैं इसलिए हम आपको कुछ उदाहरण के माध्यम से समझाएंगे इसके लाभ या हानि योगी के बीच अंतर बताना आसान होता है यह निर्भर होता है कि हमारी जरूरत हमें किस प्रकार की है पता हमें उसे कैसे प्रस्तुत कर सकते हैं एक हार्ड कॉपी को आप हाथ से छू सकते हैं पकड़ सकते हैं जबकि सॉफ्ट कॉपी को आप सिर्फ एडिट कर सकते हैं तथा उसे monitor अथवा diplay के जरिए देख सकते हैं.

दोनों की अपनी अलग अलग फायदे हैं और दोनों के अलग-अलग फायदों से नुकसान भी है, यदि आप 10 पेज की बुक किया दी तो कॉपी में रखते हैं तो आपको मात्र कुछ स्टोरेज का खर्च आएगा वही आप इसे यदि 10 पेज की बुक की हार्ड कॉपी बनाते हैं तो इंक तथा पेपर का खर्च आएगा।

यदि हम portability की बात करें तो मान लीजिए आप 10000 पेज की हार्ड कॉपी रखते हैं तो उनको साथ में रखकर चलने में आपको बहुत सारी परेशानी उठानी पड़ेगी लेकिन सॉफ्ट कॉपी को सिर्फ एक पेन ड्राइव में रखकर आप चल सकते हैं.

सॉफ्ट कॉपी कभी भी क्रश हो सकती है accidently delete भी हो सकती है या फिर किसी डिवाइस में वह सुरक्षित है वह भी क्रैश हो सकती है लेकिन वही हार्ड कॉपी की बात की जाए तो वह सुरक्षित है आप उसे आसानी से कहीं भी रख सकते हैं.

यदि कहीं पर hard copy दस्तावेज भेजने की बात की जाए तो आपको एक सर्टिफिकेट की हार्ड कॉपी 100 किलोमीटर भेजनी है तो उसमें आपके पैसे मेहनत और समय बर्बाद होगा जबकि सॉफ्ट कॉपी को सिर्फ ईमेल के माध्यम से कुछ ही सेकंड में आप कहीं भी भेज सकते हैं.

आपको बता दें कि हार्ड कॉपी को एडिट करना बहुत ही मुश्किल काम है लेकिन सॉफ्ट कॉपी को आप कहीं भी किसी भी लैपटॉप में एडिट कर सकते हैं.

Advantages of soft copy output.

-Easy to format

-Easy to edit.

-Large information can occupy small space

हार्ड कॉपी को सॉफ्ट कॉपी में कैसे कन्वर्ट करे

यदि आपके पास 10 से 12 पेज का कोई लेख है जो पेपर पर लिखा हुआ है और आपको उसकी सॉफ्ट कॉपी चाहिए ऐसे में आप 10-12 पेज दोबारा टाइप करने बैठेंगे, नहीं ऑनलाइन कई टूल्स है जो आपकी मदद करें करेंगे यह काम आपने गूगल ड्राइव के द्वारा थाने से कर सकते आपको हार्ड कॉपी को गूगल ड्राइव में अपलोड करना है और उसे राइट क्लिक करके गूगल डॉक्यूमेंट में ओपन करना है आपको एक वर्ड फाइल मिल जाएगी.

एक सॉफ्टवेयर भी उपलब्ध है, जिसका नाम ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन (जहां इसे ओसीआर के नाम से भी जाना जाता है) है। आमतौर पर हम स्कैन किए गए दस्तावेजों को इमेज या पीडीएफ फॉर्मेट में कंप्यूटर में सेव करते हैं, लेकिन ओसीआर सॉफ्टवेयर की मदद से हम उन्हें टेक्स्ट फॉर्मेट में भी कन्वर्ट और स्टोर कर सकते हैं।

आज हमने सीखा की हार्ड कॉपी hard copy क्या होती है, सॉफ्ट कॉपी soft copy क्या होती है इन दोनों के बीच क्या अंतर है इत्यादि के बारे में हमने आज जाना है यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया हो ,तो अपने दोस्तों के साथ इसे जरूर शेयर करें जिससे कि वह भी इसे पढ़कर ज्यादा जानकारी हासिल कर सके यदि आपका कोई सुझाव है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं.

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